Wednesday, 13 February 2019

alopecia hair falling

आप सभी जानते ही हैं आपकी पर्सनेलिटी निखारने में बालों की अहम भूमिका होती है, ऐसे में जरूरी हो जाता है कि बालों की देखभाल अच्छे से की जाएं। मै आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खों बताने जा रहा हूँ जिसे अपनाने में आपको बहुत मेहनत ना करनी पड़े और सभी चीजें आराम से घर में ही उपलब्ध हो। बालों को झड़ने से रोकने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनायें।

दुनिया के करोड़ों लोग बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं। वे चाहे पुरूष हों या स्त्रीी, दोनों ही इसके शिकार बन गए हैं। अगर आप भी बालों के झड़ने से परेशान हैं तो हम पेश कर रहे हैं कुछ सुझाव, कुछ नुस्खे:—

—-कुछ लोग बालों में बार-बार कंधी करते हैं,ये सोचकर कि इससे बाल लंबे होंगे या फिर बाल सुलझें रहेंगे लेकिन आपको बता दें इससे भी कई बार बाल झड़ते है। आपको बालों को दिन में कम से कम 2-3 बार कंधी करें, इससे आपके बाल कम से कम उलझेंगे और बाल कम टूटेंगे। यानी बाल सुलझे भी रहेंगे और बालों के टूटने का डर भी खत्म।

—-बालों को झड़ने से बचाने के लिए आपको अपने बालों को धूप से बचाना चाहिए। जब भी आप बाहर धूप में जाएं तो अपने साथ छाता लेकर जाएं या फिर अपने बालों को कपड़े से पूरी तरह ढक लें। बहुत गर्म पानी से बाल ना धोएं,वरना आपके बाल अधिक खराब हो जाएंगे और जल्दी टूटने लगेंगे।

—-बालों को टूटने से बचाने के लिए आपको डाइट में प्रोटीन, आयरन, जिंक, सल्फर, विटामिन सी, के अलावा विटामिन बी से युक्त खाघ पदार्थ भरपूर मात्रा में लेने चाहिए। पर यह भी जरुरी हे की जंक फ़ूड से बचा जाये ,क्योकि यदि इनसे ही पेट भरा होगा तो अच्छी डाईट कब और केसे ले पायेगे |

—-बालों को टाइट बांधना, हॉट रोलर्स व ब्लो ड्रायर व आयरन के ज्यादा इस्तेमाल करने से भी बाल डैमेज हो जाते हैं। इसीलिए कोशिश करें कि बालों को प्राकृतिक ही रहने दें और बालों पर बहुत ज्यादा एक्सेपेरिमेंट करने से बचें।

—-बालों को सही पोषण न मिलने से भी बाल झड़ने लगते हैं, ऐसे में बालों को झड़ने से बचाने के लिए समय-समय पर बालों में मेंहदी लगानी चाहिए या फिर बालों को पोषण देने के लिए दही भी लगा सकते हैं।

—-बालों को मजबूत बनाने और टूटने से बचाने के लिए आपको सप्ताह में कम से कम दो बार बालों की जड़ों में आंवला, बादाम, ऑलिव ऑयल, नारियल का तेल, सरसो का तेल इत्यादि में से कोई एक लगाना चाहिए। इससे बालों का झड़ना, बाल पतले होना, डैंड्रफ, दोमुंहे बाल व उम्र से पहले बालों का सफेद होने जैसी प्रॉब्लम्स से निपटा जा सकता है।

—-बालों के लिए प्रयोग होने वाले उत्पाद जैसे शैंपू, कंडीशनर इत्यादि प्रॉडक्ट्स अच्छी क्वालिटी के ही प्रयोग करने चाहिए। इससे बाल अच्छे होंगे और टूटने से बचेंगे। अच्हा हे की खुद के द्वारा बनया हुआ प्राकतिक प्रोडक्ट प्रयोग करे |

—बालों पर कलर करने से भी बाल खराब हो जाते हैं और जल्दी टूटने भी लगते हैं। इसीलिए बालों को कलर करने से पहले ध्यान रखें कि डाई में अमोनिया की मात्रा कम से कम हो यानी आप प्राकृतिक कलर मेहदी आदि को ही बाल कलर करने के लिए चुनें। इससे आपके बाल प्रभाव ढंग से हेल्दी् और स्वस्थ रहेंगे।

प्रति दिन नियम पूर्वक ५ बादाम,5 अखरोट ५ मुनक्का १ आबला,और एक चम्मच गुलकंद खाने से बालो झड़ना बंद हो जाते हें | पर कुछ दिन नहीं हमेशा लेते रहना ठीक हे |

——तनाव कम कर, उचित आहार लेकर, बाल संवारने की उचित तकनीक अपनाकर और यदि संभव हो तो बालों को झड़ने से रोकनेवाली दवाइयों का उपयोग कर बालों के झड़ने की समस्या को रोका जा सकता है। फफूंद संक्रमण की वजह से बालों को झड़ने की समस्या को बालों की सफाई पर ध्यान देकर, दूसरों के ब्रश, कंघी, टोपी आदि का उपयोग न कर बचा जा सकता है। दवाइयों की सहायता से वंशानुगत गंजेपन के कुछ मामलों को रोका जा सकता है।

—-बाल झड़ने की वजह—-

इंफेक्शन और डैंड्रफ फंगल इंफेक्शन से बाल झड़ सकते हैं। बरसात के दिनों में गीले बालों को ठीक से न पोंछने पर भी फंगल इंफेक्शन हो सकता है।

हालांकि थोड़ी-बहुत डैंड्रफ होना सामान्य है, खासकर मौसम बदलने पर, गर्मियों और बरसात की शुरूआत में, लेकिन ज्यादा होने पर यह बालों की जड़ों को कमजोर कर देती है। यह ड्राई और मॉइश्चर, दोनों रूप में हो सकती है। इससे बचाव के लिए साफ.-सफाई का पूरा ख्याल रखें।

—-डैंड्रफ से छुटकारे के लिए —-

अच्छे शैंपू का इस्तेमाल करें। खाने में लहसुन, अदरक, मेथी, अजवाइन आदि गरम चीजें कम खानी चाहिए क्योंकि इनसे स्किन स्टिमुलेट होती है। इम्यून सिस्टम से जुड़ी बीमारी एलोपीसिय एरिएटा में भी सिक्के के आकार में बाल गायब होने लगते हैं।

—-अगर पेरेंट्स या ग्रैंड पेरेट्स में से किसी को बालों के झड़ने या गंजेपन की समस्या है, तो बच्चों में भी ऎसा होने की आशंका ज्यादा होगी। प्रदूषण और तनाव, बालों को गंवाने की अहम वजह है।

—-प्रदूषण से भी बालों की सेहत खराब होती है, जिसका नतीजा बालों के पतझड़ के रूप में सामने आता है। स्टाइल की मार, फैशन के चक्कर में लोग अपने बालों में कलरिंग, स्ट्रेटनिंग, रिबॉन्डिंग आयरनिंग आदि कराते रहते हैं। इनसे बाल खराब होते हैं और झड़ते भी हैं। इनसे बचना ही बेहतर है। आजकल कई कलर अमोनिया फ्री का दावा कर बेचे जा रहे हैं, लेकिन लगभग सभी तरह के हेयर कलर्स में लेड होता है, जिससे बाल खराब होते हैं और गिर जाते हैं। कैंसर, टीबी, टायफायड जैसी बीमारियों के दौरान भी बाल झड़ने लगते हैं, लेकिन बीमारी ठीक होने के बाद बालों की ग्रोथ सामान्य हो जाती है। कोलेस्टेरॉल घटाने वाली दवाएं, पाकिंüसन, ऑर्थराइटिस और अल्सर के इलाज में दी जाने वाली दवाएं विटामिन ए से बनी कुछ दवाएं, हाई ब्लडप्रेशर रोकने वाली बीटा ब्लॉकर दवाएं और एंटीथायरॉइड एजेंट्स की वजह से भी बाल झड़ने शुरू हो जाते हैं। हालांकि बीमारी ठीक होने पर ये बाल अक्सर दोबारा आ जाते हैं। आजकल लड़कियां खूब डाइटिंग करती हैं और इस दौरान उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। बिना डॉक्टरी सलाह के की जाने वाली डाइटिंग के फेर में सूखे बेजान बाल या बालों का झड़ना देखा जाता है। बालों को खींचकर बांधने से भी बाल कमजोर होकर टूटने या गिरने लगते हैं। इसके अलावा मौसमी बदलाव से भी बाल झड़ सकते हैं लेकिन ऎसा कुछ ही दिन के लिए होता है।

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मिथ्स और फैक्ट्स—-

जल्दी-जल्दी धोने पर बाल टूटेंगे—–

सिर को गंदा रखने पर ज्यादा बाल झड़ते हैं जबकि नियमित शैंपू करने पर कम। जो लोग एसी में रहते हैं, वे हफ्ते में दो-तीन बार शैंपू करें। जो बाहर का काम करते हैं या जिन्हें पसीना ज्यादा आता है, उन्हें रोजाना बाल धोने चाहिए।

हर्बल शैंपू में डिटर्जेंट नहीं—–

जो शैंपू झाग देता है, उसमें डिटर्जेंट जरूर होता है। हर्बल शैंपू भी इसका अपवाद नहीं है। रीठा, शिकाकाई और मेहंदी का मिक्सचर घर में बनाकर लगाएं।

एक्स्ट्रा प्रोटीन वाले शैंपू या लोशन बेहतर कई शैंपू एक्स्ट्रा प्रोटीन होने का दावा करते हैं। बाल धोने के दौरान शैंपू का प्रोटीन बालों के अंदर नहीं जाता। बालों को प्रोटीन की जरूरत है, लेकिन वह खुराक से मिलता है।

रोजाना तेल लगाने से मजबूत बाल—–

तेल बालों को भारी और गंदा बनाता है। नहाने के बाद तेल लगाने का कोई फायदा नहीं है। तेल लगाने से बाल लंबे होने की बात भी गलत है।

कंडीशनर का इस्तेमाल—-

शैंपू करने के बाद बहुत से लोग कंडीशनर नहीं लगाते। उन्हें लगता है कि इससे बाल कमजोर हो जाते हैं। यह गलत है। कंडीशनर से बालों की चमक बनी रहती है और वे उलझते नहीं हैं।

तेल से राहत—

युवावस्था में हॉर्मोन लेवल में बदलाव की वजह से सिर की स्किन तैलीय हो जाती है और इस वजह से डैंड्रफ होने लगती है। लोगों को लगता है कि बालों में तेल लगाने से

डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा, लेकिन ऎसा नहीं होता।

नजला-जुकाम से टूटते हैं बाल—-

नजला-जुकाम से बाल टूटने की भ्रांति बहुत लोगों में होती है। असल में इससे पीडित लोग ज्यादातर दवाएं खाते रहते हैं और उनकी सेहत ठीक नहीं होती। इस वजह से कई बार बाल गिरने लगते हैं।

गंजे होने या बाल कटाने से ग्रोथ तेज——–

कई लोग अपने बालों को बहुत छोटा करा देते हैं। उन्हें लगता है कि ऎसा करने से बालों का झड़ना कम हो जाएगा और नए बाल ज्यादा तादाद में आएंगे।

यह सोच बिल्कुल गलत है। गंजा होने से बालों की ग्रोथ तेज नहीं होती।

—-बाल उखाड़ने से दूसरे बाल सफेद होते हैं अक्सर लोग सफेद बाल उखाड़ने से मना करते हैं क्योंकि उनका मानना होता है कि अगर एक बाल उखाड़ेंगे, तो उसकी जड़ से द्रव निकलेगा, जो आसपास के बालों को भी सफेद कर देगा। यह गलत है।

शीर्षासन से मजबूत होते हैं बाल——

शीर्षासन के बारे में कहा जाता है कि इससे बाल मजबूत होते हैं, नेचुरोपैथी और योग के समर्थक इसे सही मानते हैं, लेकिन मॉडर्न साइंस नहीं।

क्या कहता है आयुर्वेद—-

आयुर्वेद बाल धोने के बाद तेल लगाने की हिमायत करता है। महाभृंगराज या ब्रा±मी तेल से बालों को अच्छा पोषण मिलता है। इसमें त्रिफला होता है, जो बालों की सेहत के लिए अच्छा है। महाभृंगराज तेल से बालों का कालापन भी बढ़ता है, हालांकि यह सफेद बाल काले नहीं कर सकता।आयुर्वेद के मुताबिक हफ्ते में एक-दो बार तेल लगाकर अच्छी तरह सिर की मसाज करें। मसाज किसी भी तेल से कर सकते हैं लेकिन आंवला, ऑलिव, नारियल या तिल का तेल अच्छा है। रात भर तेल रखकर सुबह किसी अच्छे हर्बल शैंपू से बाल धो लें। इसके बाद एक लोशन लगाएं।

इसे बनाने के लिए गेहूं के पत्ते, दूर्वा घास, अरबी के पत्ते, गुड़हल के पत्ते, नीबू के छिलके, संतरे के छिलकों को थोड़ा-थोड़ा लें और पानी में उबाल लें। पानी को छानकर बालों की जड़ों में हल्के हाथों से लगाएं और धीरे-धीरे मसाज करें। पांच मिनट के लिए लगा रहने दें और पानी से सिर धो लें।

खुराक—-

ऎसी चीजों से परहेज करना चाहिए, जिनसे सर्दी, जुकाम होता है। सॉस, सिरका, अचार, नमक और खट्टी चीजें कम खाएं। बादाम, दूध, दही, घी, मक्खन का सेवन संतुलित मात्रा में करें।

खुश्की का इलाज—-

बालों में खुश्की या खुजली हो रही हो, तो नीम के पत्तों को पानी में उबालें। उस पानी में थोड़ी-सी हल्दी मिलाकर छान लें। इससे सिर धोएं, खारिश दूर हो जाएगी। बालों में दही या छाछ लगाने से बाल चिकने होते हैं। बालों को रीठा, शिकाकाई से धोना अच्छा है। एलोवेरा जेल या गुड़हल के पत्तों को मसल कर बालों की जड़ों में लगा लें। इससे कूलिंग इफेक्ट मिलता है।

ऎसे करें शैंपू—–

पहले बालों को गीला करें। फिर थोड़े पानी में घोलने के बाद शैंपू को बालों और स्किन पर लगाएं। झाग बनाते या बालों को रगड़ते समय उन्हें उलझाएं नहीं, न ही ज्यादा रगड़ें। शैंपू 3-4 मिनट तक लगाकर रखना चाहिए। शैंपू को अच्छी तरह साफ करने के बाद कंडीशनर लगाएं। एक मिनट तक लगाए रखने के बाद कंडीशनर को अच्छी तरह से धो डालें। इसमें शैंपू से भी ज्यादा सावधानी बरतें। गीले बालों को न तो बहुत तेजी से झटक कर सुखाएं और न ही तौलिए से रगड़कर पोंछें। ध्यान रखें कि इस स्टेज में बाल सबसे ज्यादा सॉफ्ट और कमजोर होते हैं। बाल धोने के बाद उन्हें तौलिए से हल्के से साफ करें या तौलिए को बांधकर छोड़ दें। गीले बालों में कंघी भी न करें। बारीक कंघी के इस्तेमाल से बचें। लंबे बालों में कंघी करते हुए पहले आधे बालों को कंघी करें, ताकि आसानी से सुलझ जाएं।

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झड़ते बालों को रोकने के लिए उपाय/टोटका—

वे लोग जो इस परेशानी का सामना कर रहे हैं वह अधिकांश व्यय ऐसे उत्पादों को खरीदने में ही कर देते हैं. लेकिन दुर्भाग्यवश फिर भी वह अपने घने-बालों से वंचित ही रह जाते हैं. लेकिन जैसे कि तंत्र विद्या को किसी भी समस्या का अंतिम विकल्प समझा जाता है, वैसे ही आपको अपने गिरते बालों को रोकने के लिए तंत्र और टोटकों की शरण में जाना पड़ सकता है.

तंत्र विद्या और बालों के उगने में बहुत महत्वपूर्ण संबंध है. हमारी मान्यता है कि जीवन के हर क्षेत्र में मंत्रोच्चारण बहुत प्रभावकारी सिद्ध होता है. ऐसा ही बालों के गिरने और उगने के साथ भी है. तंत्र शास्त्र के अतंर्गत कुछ ऐसे टोटके भी हैं जिनसे आप अपने झड़ते हुए बालों को रोक सकते हैं. इसके अलावा पहले से ज्यादा घने और मुलायम बालों के स्वामी भी बन सकते हैं.

निश्चित तौर पर इन टोटकों को जानने की आपकी उत्सुकता बढ़ती जा रही होगी. निम्नलिखित टोटकों के द्वारा आप अपने गिरते बालों को रोक सकते हैं:—-

—-बाजार से एक मोती शंख खरीदकर एक दिन पहले इसमें साफ पानी भरकर रख लें. इस शंख और पानी को धूल-मिट्टी से बचा कर रखें. अगले दिन इस पानी को अपने बालों में तेल की तरह लगाएं और सूखने दें.

—–अमर बेल को नारियल के तेल में उबालकर उस तेल से बालों की जड़ों में अपनी अंगुलियों से हल्के-हल्के मसाज करें. यह करते समय नीचे लिखे मंत्र का जप भी करते रहें. दोनों टोटकों को करते हुए निम्नलिखित मंत्र का उच्चारण अवश्य करें:—-

“ऊँ ह्रीं ह्रीं श्रीं ह्रीं ह्रीं ऊँ”

इसके बाद अपने बाल धो लें. कुछ समय तक लगातार यही प्रक्रिया दोहराएं और फर्क महसूस करें.

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बालों का झड़ना (अंग्रेज़ी:Hair loss या Alopecia) हल्के से लेकर गंजा होने तक का हो सकता है। सामान्यतः हमारे लगभग 50 से 100 बाल हर दिन झड़ते हैं। यदि इससे ज्यादा बाल झड़ते हैं, तो यह चिंता का विषय है। यह भी देखा जा सकता है कि बाल पतले होने लगते है और एक या अधिक जगह पर गंजापन आ जाता है। बाल गिरने के कई अलग-अलग कारण होते है। चिकित्सा विज्ञान के आधार पर बालों का झड़ना कई प्रकार के हो सकते हैं:

– लंबी बीमारी, बड़ी शल्य क्रिया अथवा गंभीर संक्रमण जैसे बड़े शारीरिक तनाव से दो या तीन महीने के बाद बालों का झड़ना एक सामान्य प्रक्रिया है। हार्मोन स्तर में आकस्मिक बदलाव के बाद भी यह हो सकता है, विशेषकर स्त्रियों में शिशु को जन्म देने के बाद यह हो सकता है। साधारण तरीके से बाल झड़ते रहते हैं किन्तु गंजापन दिखाई नहीं देता है।

– औषध के गौण प्रभावः बालों का झड़ना कुछेक औषधियों के खाने के कारण हो सकता है और यह अचानक पूरे सिर पर प्रभावी हो सकता है।

– चिकित्सकीय बीमारी के लक्षणः बालों का झड़ना चिकित्सा बीमारी का लक्षण हो सकता है जैसे कि अवटुग्रंथि(थाइरॉयड) विकृति, सेक्स हार्मोन में असंतुलन या गंभीर पोषाहार समस्या विशेषकर प्रोटीन, लौह, जस्ता या बायोटीन की कमी। यह कमी खान-पान में परहेज करने वालों और जिन महिलाओं को मासिक धर्म में बहुत ज्यादा रक्त स्राव होता है उनमें यह आम है।

सिर की त्वचा (खोपड़ी)- इसमें फफूंद-खोपड़ी में जब विशेष प्रकार की फफूंद से संक्रमण हो जाता है तो बीच बीच में बाल झड़ने लगते हैं। बच्चों में आमतौर पर बीच-बीच के बाल झड़ने का संक्रमण पाया जाता है।

– पुरुषों में जिस प्रकार बाल झड़ते रहते हैं अर्थात मांग से बालों का झड़ना और/या सिर के ऊपर से बालों का झड़ना, उसी प्रकार इसमें भी पुरुषों के बाल झड़ते हैं। इस प्रकार बालों का झड़ना आम है और यह किसी भी समय यहां तक कि किशोरावस्था में भी आरंभ हो सकता है। इसके मुख्यतः तीन कारण हैं-वंशानुगत गंजापन, पुरुष हार्मोन और बढ़ती हुई आयु। महिलाओं में, सिर के आगे के भाग को छोड़कर पूरे हिस्से के बाल झड़ने लगते हैं।
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बालों को झड़ने से रोकने में व्यायाम की भूमिका—–

बालों के झड़ने का मुख्य कारण शारीरिक गतिविधियों की कमी है। अगर आप किसी भी रूप में कसरत या व्या याम नहीं करते तो आपके अन्दर रक्तसंचार कमज़ोर पड़ जाता है जिसकी वजह से उन छिद्रों को, जहाँ से बाल उगते हैं, ज़रुरत के हिसाब से पोषक तत्त्व नहीं मिल पाते क्योंकि सही रक्तसंचार ना होने की वजह से खून सही मात्रा में सिर तक नहीं पहुँचता और नतीजन बालों की जड़ें कमज़ोर हो जाती हैं और बाल गिरने लगते हैं। बालों को गिरने से रोकने के लिए रोजाना कम से कम पैंतालीस मिनिट तक कसरत करनी चाहिए। अगर आप कोई शोर्टकट या सरल रास्ता अपनाएंगे तो आपको फायदा होने से रहा। गोलियां और दवाइयां कुछ हद तक आपको राहत दिला सकते हैं, लेकिन कसरत की कमी से आपके बाल दोबारा झड़ना शुरू हो जायेंगे।

बालों को झड़ने से रोकने में जल यानी पानी की भूमिका—-

बालों को गिरने से रोकने के लिये पानी भी एक सस्ता और उपयोगी नुस्खा है। कुछ चंद जगहों को छोड़ कर पानी बिना किसी मूल्य के मिलता है। तो क्यों न खूब सारा पानी पीकर आप अपने बालों को झड़ने से रोकें! कई लोग पानी तब पीते हैं जब उन्हें प्यास लगती है। अगर आप भी ऐसा करेंगे तो आपके बालों को गिरने से कोई नहीं रोक सकेगा। प्यास न लगे फिर भी आप हर दो तीन घंटे पर एक ग्लास पानी पीयें।

हमारे शरीर की बनावट में पानी की मात्रा कुछ ज्यादा, लगभग दो तिहाई होती है। आपकी त्वचा, बाल, रक्त, शुक्राणु, इन सबको स्वस्थ रहने के लिए और अपना कार्य सक्षमता से करने के लिए पानी की ज़रुरत पड़ती है।

आप अगर पानी तब पीते हैं जब आपको प्यास लगती है तो यकीनन आपकी प्यास बुझती है, लेकिन जब बिना प्यास लगे आप पानी पीते हैं तो आप अपने कोशिकाओं और इन्द्रियों को एक तरह से सींचते हैं। इससे आपके रक्तसंचार में सुधार होता है और आप के अन्दर किसी भी रोग को रोकने की शक्ति पैदा होती है। आपके शुक्राणु स्वस्थ हो जाते हैं और आपके बालों की जड़ें भी मज़बूत हो जाती हैं।

पानी आपकी त्वचा को एक अनोखी चमक देता है, क्योंकि ये आपके लीवर से और आपकी त्वचा की कई सतहों के नीचे से विषैले तत्व बाहर निकाल फेंकता है। इससे एक और फायदा होता है। आपके अन्दर की पाचन शक्ति बढती है और आपका वज़न भी कम हो जाता है। पानी आपके बालों में भी एक नयी चमक पैदा करता है, और उन्हें स्वस्थ और मज़बूत रखता है। तो अगर आप अपने बालों को गिरने से रोकना चाहते हैं तो जी भर के पानी पीजिये और पूरा दिन अपने शरीर को सींचित और स्वस्थ रखिये

बालों को झड़ने से रोकने में विटामिन डी की भूमिका—-

अन्यं आवश्येकताओं की तरह बालों को विडामिन डी की भी आवश्यचकता होती है । ये भी एक तरह का निशुल्क नुस्खा है और बालों को गिरने से रोकता है। असल में विटामिन डी बालों को बढ़ने में काफी मददगार साबित होता है और बालों को बढ़ने के लिए यह बहुत ज़रूरी भी है। यह अपने आप में आयरन और कैल्शियम को सोख लेता है। आयरन की कमी भी बालों के गिरने की वजह होती है। लेकिन जब आप अपने शरीर पर कम से कम 15 मिनिट के लिए भी सूर्य की किरणें पड़ने देते हैं, तो आपको उस दिन के लिए ज़रूरी मात्रा में विटामिन डी की खुराक मिल जाती है। लेकिन एक बात याद रहे, जब बहुत ही ज्यादा गर्मी हो तो आप अपने सिर और त्वचा को सूर्य की किरणों से बचाकर रखिये। बहुत ज्यादा गर्मी या तपती धूप आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। तो बेहतर यही होगा की आप सूर्य की किरणों का फायदा या तो सुबह उठाइए या शाम को।

बालों को गिरने से बचाने के लिए पौष्टिक खाना खाइए—-

कई लोग बालों की झडने का शिकार गलत खाने की वजह से होते हैं। ऐसा नहीं है की वे पौष्टिक खाने पर खर्च नहीं कर सकते लेकिन आदतन वे जंक फ़ूड पर पैसे बर्बाद करते हैं बनिबस्त पौष्टिक आहार पर खर्च करने के । जंक फ़ूड , डब्बाबंद आहार, तैलीय खाना, वगैरह में पौष्टिक तत्वों की कमी होती है लेकिन कई लोग इन्हें बड़े मज़े से खाते हैं। नतीजा यह होता है कि आपके शरीर को सही मात्रा में आयरन, कैल्सियम , जिंक , विटामिन सी और प्रोटीन वगैरह नहीं मिल पाते। यह सब बालों के बढ़ने के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं इसीलिए जहाँ तक हो सके ऐसे पोषण रहित आहार का बहिष्कार किजिये और हरी सब्जियां, फल, सूखे मेवे, दूध, अंडे खाइए जिससे कि आपके जीवन में पौष्टिक आहारों की कमी पूरी हो सके।

बालों को गिरने से बचाने के लिए तनाव से बचिए—-

बालों के गिरने की एक अहम् वजह तनाव भी है। तनाव से कई और बीमारियाँ भी पैदा होती हैं, इसीलिए इन बीमारियों से बचने के लिए, और बालों को गिरने से बचाने के लिए तनाव से दूर रहिये। हालांकि ऐसा कहना बहुत आसान होता है, लेकिन अगर आप पूरी तरह स तनाव से छुटकारा नहीं पा सकते तो इसे कम तो कर सकते हैं। और तनाव कम करने के लिए आपको अपनी सोच को बदलना होगा, और योग, मेडीटेशन, वगैरह जैसे उपायों से इसे कम कर सकते हैं।

बालों को गिरने से बचाने के लिए और धूम्रपान और शाराब का सेवन बिलकुल मत कीजिये—

बालों के गिरने की एक और वजह धूम्रपान भी है, धूम्रपान से अथेरोसेलेरोसिस का विकास होता है। अथेरोसेलेरोसिस की अवस्था में आपकी नसों और रगों पर मैल जमा हो जाती है जिससे आपके पूरे शरीर के रक्तसंचार में अवरोध पैदा होता है। फलस्वरूप, अगर आप पौष्टिक आहार का सेवन भी कर रहे हैं तो भी पौष्टिक तत्व आपके बालों की जड़ों तक नहीं पहुँच पाते क्योंकि आपके सिर तक पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं पहुँचता। इस दशा में आपके बाल कमज़ोर होने लगते हैं और गिरने लगते हैं। धूम्रपान की वजह से, सेक्स समस्याएं , दौरे पड़ना, उच्च रक्त चाप, हार्ट एटेक वगैरह जैसे रोग भी पैदा होते हैं। तो, अगर आपको अपनी ज़िन्दगी से प्यार है (न सिर्फ अपने बालों से) तो आज ही धूम्रपान करना छोड़ दीजिये।

शराब आपके लीवर को नुकसान पहुंचाती है और आपके शरीर में ऐसे विषैले तत्व पैदा करती है जो की आपके बालों के लिए बहुत हीं हानिकारक साबित होते हैं। शराब आप नियंत्रित मात्रा में पियें; बेहतर तो यही होगा कि आप शराब को हाथ ही ना लगायें।

बालों को गिरने से रोकने के लिए हानिकारक रसायनों के इस्तेमाल से परहेज़ करें—-

अक्सर लोग टीवी पर और रंगीन पत्रिकाओं में लुभावने इश्तिहार देखकर ललचा जाते हैं और अपने बालों के लिए, बिना सोचे समझे कोई भी शेंफू और कंडीस्नर खरीद लेते हैं। कोई भी शेंफू खरीदने से पहले उसके अन्दर के मसालों के बारे में अच्छी तरह परख लें। कई शेंफू में कड़क तरह के मसाले डाले जाते हैं, जिनसे कि आपके बालों को हानि पहुँचती है और आपके बाल गिरने लगते हैं और आप गंजे भी हो सकते हैं। एक दो बार खरीदने के बाद अगर आपको लगे है कि कोई शेंफू आपके बालों के लिए ठीक नहीं है तो उसे फ़ौरन इस्तेमाल करना बंद कर दीजिये।

अत्यधिक गर्मी और बाल रंगने से परहेज़ करें—-

अत्यधिक गर्मी और बालों को बहुत ज्यादा रंगना या डाई करना आपके बालों के लिए ठीक नहीं होते। जहाँ तक हो सके अपने बालों को गर्मी से बचाएं और बालों को तभी रंगें या डाई करें जब बहुत ही ज्यादा ज़रूरी हो।

हमारे बाल सफेद क्यूँ हो जाते है ? Why Hair Become White ?

आजकल की भागती-दौड़ती और जटिल होती जीवनशैली में किसी भी व्यक्ति के पास अपनी सेहत का ध्यान रखने का समय नहीं है. यही वजह है कि जहां पहले बालों का झड़ना एक उम्र पर निर्भर करता था लेकिन आज तो प्राय: हर वर्ग के लोग अपने अनमोल बालों को खोने के गम में परेशान रहते हैं.आपकी इसी समस्या को सुलझाने और आपको अपने प्रिय बालों से वापस मिलवाने के लिए आज बाजार में झड़ते बालों को रोकने और उन्हें अपने स्थान पर वापस लाने के लिए कितने ही शैंपू, तेल और अन्य सामग्रियां उपलब्ध हैं.

हालांकि बालों का सफेद होना मनुष्यों के अनुभवी होने का प्रतीक माना जाता है, लेकिन अधुनिक समय में मनुष्य इसे बिल्कुल भी पसंद नहीं करते।

हमारे बालों का रंग काला मेलानिन पिगमेंट Melanin Pigment के कारण होता है यह पिगमेंट चमड़ी के अंदर जहाँ बाल का अंदरूनी भाग होता है जिसे बाल कूप या पुटक (follicle) कहते हैं मे होता है |मेलानिन पिगमेंट वर्णक के कारण बालों मे रंग होता है

वर्णकों के कारण बाल काला, भूरा, या लाल हो सकता है। यह वर्णक वल्कुट की कोशिकाओं में निक्षिप्त होता है। बाल क्यों सफेद हो जाता है, इसका सही कारण ज्ञात नहीं है। यह संभव है कि उम्र के बढ़ने, रुग्णता, चिंता, शोक, आघात, और कुछ विटामिनों की कमी से ऐसा होता हो। डाक्टरों का मत है बाल का सफेद होना वंशागत होता है।

बालों रंग काला मेलानिन के कारण होता हैं, जो हमारी त्वचा के पिगमेंट में होता है। जिनके बालों का रंग हल्का काला होता है उनमें मेलानिन की कमी होती है। आप देखते हो न कि बड़े लोगों के बाल सफेद या ग्रे हो जाते हैं, असल में उनमें मेलानिन पिगमेंट खत्म हो जाता है, इसलिए उनके बाल सफेद हो जाते हैं। बालों का रंग अक्सर त्वचा के रंग पर निर्भर करता है। अगर आपका रंग फेयर है तो बालों का रंग सुनहरा होगा और अगर आप सांवले हैं तो बालों का रंग काला होगा। ज्यादातर देखा जाता है कि बच्चों के बालों का रंग उनके माता-पिता से विरासत में मिलता है।

परन्तु बहुत से चिकित्सकों का मानना है कि बालों की सफेदी वैसे तो जैनेटिक यानी अनुवांशिक होती है। किंतु फिर भी कुछ ऐसे कारण है जो समय से पहले बालों को सफेद बनाने में अहम भूमिका अदा करते है। इनमें न केवल दवा बल्कि अनीमिया, थाइराइड व एचआइवी-एड्स भी शामिल है। खाने में प्रोटीन व आयरन की कमी भी बालों की सफेदी का एक कारण है।

एक अन्य तरीके से भी समझाया जा सकता है बालों का सफेद होना जीन पर निर्भर है। कई बार जीन का प्रभाव पूरा नहीं होता। इस कारण बाल या तो कम सफेद या सफेद होते ही नहीं। किंतु जब जीन का प्रभाव होता है तो बाल सफेद हो जाते है। दूसरा मुख्य कारण थाइराइड ग्लैड है। युवाओं के शरीर में इस ग्रंथी (ग्लैड) की स्राव कमी या अधिकता बालों को सफेद बना देती है। दवाएं भी बालों की सफेदी के कारणों में से एक है। एक रिपोर्ट के मुताबिक एंटी मलेरिया दवा के प्रयोग से बाल समय से पहले सफेद हो जाते है। खाने में प्रोटीन या आयरन की कमी व विटामिन बी-12 की कमी से भी बाल सफेद हो जाते है। यंग ऐज में जैनेटिक एग्जिमा के कारण तथा आजकल एचआईवी व एड्स पीड़ितों में भी यह समस्या देखी जा रही है। परनीसियस अनीमिया से ब्लड बनाने वाले सेल बिगाड़ने के कारण भी कम उम्र में बाल सफेद हो जाते है।

क्या कोई इलाज़ है कि बालों को सफेद होने से रोका जा सके !

बालों के असमय सफेद होने की समस्या से बचा सकता है। इसका उपचार है, बशर्ते समय पर सही इलाज लिया जाए। उन्होंने बताया कि सही डाइट इसका सबसे बेहतर उपचार है। इसके अलावा थाइराइड व ब्लड जांच करवाना भी इसके बचाव में शामिल है।चिंता , भय ,तनाव ,सोच ,प्रदूषण से बच कर रहना भी हल हो सकते है

हेयर डाई से भी बालों का रंग खोना यानि कि सफेद होना बढ़ जाता है |

योगासनों से रोकें बालों का झड़ना

आनुवांशिक तौर पर बाल झड़ने की समस्या का हल तो मुश्किल है लेकिन आपकी जीवनशैली संबंधित समस्याओं की वजह से बाल झड़ रहे हैं तो ये आसन आपके लिए मददगार हो सकते हैं।

वज्रासन
बाल झड़ने से रोकने के लिए यह एक प्रभावी आसन है। इससे पाचन सही रहता है और शरीर का रक्त संचार ठीक रहता है। इसे करने के लिए पंजों के बल बैठ जाएं और शरीर का भार अपनी एड़ियों पर छोड़ दें। दोनों हथेलियों को अपनी जांघों पर रखें और कमर सीधी रखें। गहरी सांस लें। इस अवस्था में तीन मिनट तक रोज बैठें।

अधोमुख श्वानासन
इस आसन से तनाव से मुक्त‌ि मिलती है और तनाव के कारण बाल झड़ने की समस्या को रोकने में आसानी होती है। घुटनों के बल खड़े हों और फिर हाथों को जमीन पर रखें। अब हाथों पर शरीर का सारा जोर देते हुए पैरों को V आकार में फैलाएं। रीढ़ की हड्डी सीधी रखते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर की ओर खींचें। एक मिनट तक इसी अवस्था में रहने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।

भुजंगासन
आयुर्वेद में पित्त की समस्या को भी बाल झड़ने का एक महत्वपूर्ण कारण माना गया है। पित्त से निजात पाने के लिए भुजंगासन बहुत मददगार है। भुजंगासन के लिए पेट के बल लेट जाएं और दोनों हथेलियों को एपने कंधों के समानांतर रखें। अब हथेलियों पर बल देते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं और 30 सेकंड तक इसी अवस्था में रहें। फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं।

इसके अलावा शीर्षासन व उत्तानासन भी इस समस्या से निजात दिलाने में सहायक हैं। इन्हें करने से रक्त का संचार बढ़ जाता है और बालों को मजबूती मिलती है।

उपचार : 1.बालों के झड़ने की समस्‍या का उपचार करने से पहले इस रोग के होने के कारणों को दूर करना चाहिए और फिर इसका उपचार प्राकृतिक चिकित्सा से करना चाहिए। 2.आपको अपने भोजन में सब्जियां, सलाद, मौसमी फल, अंकुरित अन्न का अधिक मात्रा में उपयोग करना चाहिए तथा पत्ता गोभी, अनानास और आंवले का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए 3.अपने सिर को दही से धोएं और उसके थोडी देर बाद बथुए के पानी से दुबारा सिर धुलें। ऐसा करने से रोगी के बाल झड़ना रुक जाते हैं। 4.रात में मेथी के बीजों को पानी में भिगो दें और सुबह उठने पर इन्हे पीसकर लेप जैसा बना कर बालों पर लगा लें। ऐसा कुछ दिनों तक करने से बाल झड़ना रुक जाएंगे। 5.सुबह सूर्योदय से पहले दैनिक कार्यो से निवृति के बाद स्नान करना चाहिए। इस प्रकार के स्नान से पेट, सिर और आंखों में गर्मी नहीं बढ़ती है। जिसके फलस्वरूप बाल झड़ना रुक जाते हैं।

सिरोधारा और सिरोवस्ति चिकित्साः इस चिकित्सा से बालों का झडना और असमय पकना रोका जा सकता है।

गिरते बालों के लिए घरेलू नुस्‍खे –

1– बालों का गिरना रोकने और बालों की वृद्धि के लिए सप्ताह में एक बार अपने बालों की महाभृंगराज ऑयल से मसाज कीजिए, इससे बाल मजबूत होते हैं।
2– जवाकुसुम की पत्तियों को थोड़े से पानी में मिलाकर पेस्ट बना लीजिए, इस पेस्‍ट को सिर की त्वचा और बालों पर लगाइए, इससे बाल बढ़ते हैं और घने भी होते हैं।
3– बालों को मजबूत बनाने और टूटने से बचाने के लिए बालों को भरपूर पोषण दीजिए। मेंहदी में भरपूर पोषण होता है जो बालों के लिए फायदेमंद है, इसलिए बालों में मेहंदी लगानी चाहिए।
4–मेंहदी को अंडे के साथ मिलाकर लगाने से ज्‍यादा फायदा होता है। इससे बाल मजबूत होते हैं और बालों का गिरना बंद हो जाता है।
5–गिरते बालों को रोकने के लिए दही बहुत कारगर घरेलू नुस्‍खा है। दही से बालों को पोषण मिलता है। इसके लिए बालों को धोने से कम से कम 30 मिनट पहले बालों में दही लगाना चाहिए। जब बाल पूरी तरह सूख जाएं तो पानी से धो लीजिए।
6–दही में नींबू का रस मिलाकर भी प्रयोग किया जा सकता है। नींबू के रस को दही में मिलाकर पेस्‍� 
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ayurvedic treatment

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ayurveda successful treatment for male and female sexual problems

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Urine Problems

We Provide Complete Treatment for Urine Problems ? - Burning sensation before, during and after act of urination. - Change of color of urine - Feeling of frequent urination day and night at short intervals. - Feeling of frequent urination day and night at short intervals but urine passed in scanty amount - Feeling of excessive thirst but urine passes in scanty amount as compared to water intake - Feeling of utter weekness after the act of urination - Feeling of white Albumin (Dhatu) before/with/after Urine - Feeling of chilliness/coldness after the act of urination - Feeling of hot urine during the act of urination - Inability to retain the urine - Blood in urine - Blood passes out in double stream For Treatment or Consultant ? Our treatment is without any side effects and therefore can be used in all weathers. So, you can consult us without any worries or hesitations. We will be glad to hear from you and help you to remove your problems and providing you HEALTH and CONFIDENCE. Please feel free to email us jheeta_herbals@yahoo.com 
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Piles Problems

We Provide Complete Treatment for Piles ? Piles are small tumours consisted of swollen veins in the anal region. They may be internal or external, bleeding or blind. External piles appear singly or in groups like a bunch of grapes outside the anal sphincter, where as internals are within and can not be seen from without. Bleeding piles are those that bleed, while blind piles do not bleed. Causes: Constipation, cirrhosis of liver, heart diseases, gout, pregnancy, abuse of purgatives, habitual drinking, sitting on cushioned seats etc. For Treatment or Consultant ? Our treatment is without any side effects and therefore can be used in all weathers. So, you can consult us without any worries or hesitations. We will be glad to hear from you and help you to remove your problems and providing you HEALTH and CONFIDENCE. Please feel free to email us jheeta_herbals@yahoo.com
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Skin Problems

We Provide Complete Treatment for Skin Problems ? Dark Complexion If anybody wants to improve his or her complexion, we provide massage cream based on herbs which are very effective and without any side effects. Many professional personalities like models, singers, artists and actors are being benifitted from our treatment and achieved lot of success in their profession. Acne We give treatment for on of the commonest disease of the skin - Acne. It may show intself on any part of the body, but generally selects as seats, the face and back. It occues mostly in light complexioned young people, at the age of puberty. It is more common at this period of life, because the hair follicles and sebaceous glands are in a state of physiological hyper-activity, and hence more liable to suffer functional derangement, and to take on diseased states. It may appear either as a seperate and independant infection, or exist as a complication of other follicular diseases. Chloasma Chloasma is a discoloration of the skin, of internal origin, indicated by the formation of round or oval patches having a yellow or brownish color, generally known as Liver spots. It occurs more in women than in men, and is situated cheifly about the face and neck. It appeares in the form of crescentic patches on the forehead and temples, and near about the mouth. In women, it is genreally related with physiological or pathological changes in the uterus. Causes: Constipation, cirrhosis of liver, heart diseases, gout, pregnancy, abuse of purgatives, habitual drinking, sitting on cushioned seats etc. For Treatment or Consultant ? Our treatment is without any side effects and therefore can be used in all weathers. So, you can consult us without any worries or hesitations. We will be glad to hear from you and help you to remove your problems and providing you HEALTH and CONFIDENCE. Please feel free to email us jheeta_herbals@yahoo.com
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